रोनाल्डो की सफलता का रहस्य।

रोनाल्डो की सफलता के 3 रहस्य। Ronaldo Ki Safalta Ka Rahsya

क्रिस्टियानो रोनाल्डो न सिर्फ विश्व के सर्वश्रेष्ठ फुटबॉल खिलाड़ियों में से एक है, बल्कि फुटबॉल इतिहास के सबसे महंगे फुटबॉलर भी हैं। पूरी दुनिया उन्हें गोल स्कोरिंग मशीन के नाम से जानती है।

जिन्होंने अपने फुटबॉल करियर में 25 से भी ज्यादा ट्राफियाँ जीती हैं, जिनमें UEFE चैंपियंस लीग खिताब, पांच लीग खिताब और एक UEFE यूरोपीयन चैंपियनशिप शामिल है।

पर उनकी सफलता का रहस्य क्या हैं?

उनको मैदान में खेलता हुआ देखकर ऐसा लगता है मानो ऊपर वाले ने रोनाल्डो को धरती पर भेजते वक़्त उनके पैरों में कोई जादू-टोना किया होगा।

लेकिन जब आप रोनाल्डो के व्यक्तिगत जीवन को बारीकी से पढेंगे, तो आप पाएंगे कि सफलता के शिखर पर पहुंचने के लिए उन्होंने अपने जीवन में कुछ असामान्य मानसिकता को अपना कर विशिष्ट सिद्धांतों का पालन किया है।

आज हम उन्ही सिद्धांतों में से 3 महत्वपूर्ण सिद्धांत के बारे में बात करेंगे।

क्रिस्टियानो रोनाल्डो की सफलता का रहस्य:

#1. आत्मविश्वास:

जब क्रिस्टियानो रोनाल्डो 18 साल के थे तब वे हर किसी को यह कहते थे कि वे इस दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी बनेंगे। उनकी बातें सुनकर कुछ साथी खिलाड़ियों को लगने लगा कि वह घमंडी है, जबकि कुछ खिलाड़ियों को उनका बर्ताव घमंडी से ज्यादा मनोरंजक लगा।

लेकिन उनके एक हितेच्छु मित्र रायन गिब्स ने उन्हें सार्वजनिक रूप से ऐसी बातें न बोलने की सलाह दी, क्योंकि ऐसी बातें बोलने से वे खुद पर ज्यादा दबाव बना रहे थे। लेकिन रोनाल्डो हंसते हुए ने उनकी बात को अन सुना कर दिया।

“मैं खुद को दुनिया के सबसे अच्छे फुटबॉलर के रूप में देखता हूं। अगर आपको इस बात पर विश्वास नहीं है कि आप सबसे अच्छे हैं, तो आप कभी भी वह सब हासिल नहीं करेंगे जिसे पाने के लिए आप सक्षम हैं।”
– क्रिस्टियानो रोनाल्डो

#2. प्रेक्टिस:

एक बार मैनचेस्टर यूनाइटेड के फुटबॉल मैनेजर कार्लोस क्विरोज़, कैरिंगटन में स्थित प्रशिक्षण परिसर में अपनी ऑफ़िस में बैठे थे।

तभी अचानक उन्हें पेड़ो में किसी इंसान के चलने की आहट सुनाई दी। उन्हें लगा कि शायद उनकी परिसर में कोई जासूस घुस आया है। क्योंकि उन दिनों इस तरह की घटनाएँ बहुत आम हुआ करती थी।

क्विरोज़ ने सुरक्षा कर्मचारी को बुलाया और बाहर मैदान की जांच करने का निर्देश दिया। कुछ देर बाद कर्मचारी वापिस आया और कहा “सर, वह आवाज़ क्रिस्टियानो रोनाल्डो की है, जो इस वक़्त अकेला प्रेक्टिस कर रहा है।”

सफलता की सबसे महत्वपूर्ण कुंजी आत्मविश्वास है। और आत्मविश्वास की सबसे महत्वपूर्ण कुंजी तैयारी है।

रोनाल्डो हमेशा से हर चीज़ को दूसरे खिलाड़ियों की तुलना में बेहतर तरीके से करना चाहते थे। वह हमेशा से स्टेप ओवर तकनीक में सबसे बेस्ट थे, लेकिन फिर भी उन्होंने अपने पैरों के साथ वजन लाद कर स्टेप ओवर की प्रेक्टिस करना शुरू कर दिया, ताकि मैच के दौरान उस ट्रिक को करने में ज्यादा आसानी रहे।

रोनाल्डो की मशहूर और घातक knuckle ball तकनीक कुदरत की देन नही हैं, बल्कि अपने हथियार का आविष्कार करने के लिए रोनाल्डो ट्रेनिंग समाप्त हो जाने के बाद अकेले कई घंटों तक फुटबॉल को विभिन्न तरीकों से किक मारने की प्रैक्टिस करते, फिर जब उन्होंने उस ट्रिक को सिख लिया, उसके बाद उन्होंने ट्रेनिंग के समय सबके सामने उस ट्रिक की प्रेक्टिस की, और जब उन्होंने उसमें महारथ हासिल कर ली उसके बाद ही किसी वास्तविक मैच में उस ट्रिक का प्रयोग करने लगे।

जब भी कभी रोनाल्डो किसी को एक नई ट्रिक करते हुए देखते तो वह उनसे पूछते कि वे उस ट्रिक को कैसे करते है। और फिर रोनाल्डो अकेले ही उस ट्रिक की तब तक प्रेक्टिस करते जबतक कि वह उसमें माहिर नही हो जाते।

एक बार रोनाल्डो ने अपने सीनियर खिलाड़ी क्विनटन फॉर्च्यून को अपने सिर पर फुटबॉल को बैलेंस करते और रोल करते हुए देखा। वह उनके पास गए और पूछा कि आप यह ट्रिक कैसे करते हैं? और फिर तीन दिन बाद जब फॉर्च्यून ने रोनाल्डो को उस ट्रिक को करते हुए देखा, तो वह वास्तव में उस ट्रिक को करने में उनसे भी बेहतर बन गए थे।

#3. परोपकार:

2014 में क्रूज़ परिवार अपने बेटे एरिक के इलाज के लिए धन जुटाने की कोशिश कर रहा था, 10 महीने के एरिक को कॉर्टिकल डिस्प्लेसिया नामक मस्तिष्क की जन्म-जात बीमारी थी। जिसकी वजह से इस नन्ही सी जान को दिन में 30 से भी ज्यादा दिमागी दौरे पड़ते थे।

लेकिन ऑपेरशन के लिए उन्हें 55 लाख रुपए की जरूरत थी। जिसके चलते एरिक के माता-पिता ने तीन बार EPL चैंपियन रह चुके रोनाल्डो को अपने फुटबॉल जूते और जर्सी की एक जोड़ी दान में देने का अनुरोध भेजा। ताकि वे उन चीजों की नीलामी करके कुछ पैसे इकट्ठा कर सकें।

रोनाल्डो ने पूरी कहानी सुनने के बाद, बिना संकोच किए न सिर्फ वह चीजें दान की बल्कि सर्जरी की पूरी लागत का भुगतान उठाने की पेशकश भी की।

“मेरे पिता हमेशा मुझे कहा करते थे कि जब आप अन्य लोगों की मदद करेंगे, तो भगवान आपको दोगुना देंगे। और वास्तव में मेरे साथ भी यही हुआ। जब भी कभी मैंने ज़रूरत वाले अन्य लोगों की मदद की है, तो भगवान ने मेरी उससे भी अधिक मदद की हैं।”

– क्रिस्टियानो रोनाल्डो

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