ब्राज़ीलियन जिउ-जित्सु का जन्म कैसे हुआ? Hélio Gracie ki prernadayak kahani

ब्राज़ीलियन जिउ-जित्सु का जन्म कैसे हुआ?

Hélio Gracie ki prernadayak kahani

रियो डि जेनेरो में यह सुबह का समय था। और हालांकि यह एक सामान्य दिन लग रहा था, लेकिन आज कुछ आश्चर्यजनक होने वाला था।

मारियो ब्रांड्ट, जो कि बैंक ऑफ ब्राज़ील में बतौर डायरेक्टर काम करते है, इस समय जिउ-जित्सु की ट्रेनिंग के लिए एक मार्शल आर्ट अकादमी की ओर जा रहे थे, जहां उन्होंने हाल ही में सदस्यता ली थी।

जिउ-जित्सु एक किस्म का जापानीज मार्शल आर्ट है, जिसमें अपने प्रतिद्वंद्वी को हराने के लिए विभिन्न दांवपेंच का इस्तेमाल किया जाता है।

हमेशा की तरह, आज भी मारियो की क्लास उनके गुरु कार्लोस ग्रेसी के साथ होने वाली थी। कार्लोस एक ब्राज़ीलियाई व्यक्ति है जिन्होंने बहुत कम उम्र में जिउ-जित्सु सीख लिया था और बाद में एक प्रशिक्षक बन गए थे।

लेकिन मारियो जब जिम पहुंचे तो उन्हें पता चला कि कार्लोस को आज जिम आने में देरी होगी। निराश होकर जब कार्लोस अपने घर वापिस जाने लगे तब कार्लोस के छोटे भाई हेलियो ने उनको प्रशिक्षण देने का प्रस्ताव किया।

हेलियो 16 साल का एक छोटा सा लड़का, जो कि अपने भाई की तरह बलवान, फिर भी हाइट में बहुत छोटा; वह कोई ऐसा व्यक्ति नहीं था जिसे आप एक अच्छा फाइटर मान सकें।

लेकिन मारियो ने परवाह नहीं की। अब क्योंकि वह जिम में आ गया था इसलिए उसने फैसला किया कि हेलियो के साथ ट्रेनिंग करने की कोशिश में कोई नुकसान नहीं है।

जबकि उसे बिलकुल पता नही था कि हेलियो वास्तव में जिउ-जित्सु में अनाड़ी है। और इसी बात का फायदा उठाते हुए मारियो ने मार्शल आर्ट का उस्ताद होने का नाटक जारी रखा।

दूसरी ओर, हालांकि वह सिर्फ एक छोटी कद काठी वाला युवान था, जिसमें बड़े विरोधियों को नीचे गिराने की ताकत भी नहीं थी। लेकिन उसने अपने भाई कार्लोस के क्लासेस का अवलोकन करने में अपना बहुत समय बिताया था। और कार्लोस की सभी शिक्षाओं को आत्मसात कर लिया था।

और जब दोनों ने ट्रेनिंग शुरू की,

मारियो ने पाया कि हेलियो द्वारा सिखाई गई तकनीकें कार्लोस की तकनीक से थोड़ी अलग थीं।

ऐसा लग रहा था जैसे हेलियो ने अपने छोटे कद और कम ताकत को फिट करने के लिए कुछ दांवपेंच की तकनीक को बदल दिया था।

फिर भी उन तकनीकों ने मारियो को आश्चर्यचकित कर दिया, उसने पाया कि हेलियो की तकनीकें काफी उपयोगी है।

अंत में, जब कार्लोस जिम में पहुंचे, तो मारियो को हेलियो द्वारा प्रशिक्षण पाता हुआ देखकर तुरंत माफी मांगी। लेकिन मारियो ने बिल्कुल बुरा नहीं माना। बल्कि उसने कार्लोस से पूछा कि क्या हेलियो उनका नया प्रशिक्षक बन सकता है।

उस दिन जाने अनजाने में मारियो ने एक कल्पना को हकीक़त में बदलने का मौका दिया। और उस ढोंगी उस्ताद ने समय के साथ अपनी अनोखी मार्शल आर्ट स्टाइल को विकसित किया, जो आगे जाकर ब्राज़ीलियन(ग्रेसी) जिउ-जित्सु के नाम से विश्व प्रसिद्ध बनी।

हेलियो ग्रेसी का दृढ़ निश्चय, जिद और योग्यता इतनी महान थी कि 95 साल की उम्र में, मरने से कुछ दिन पहले वह जिम में कसरत और अध्यापन कर रहे थे।

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